जामिया यूनिवर्सिटी में एक बार फिर से हुई फायरिंग, आरोपी फरार
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश में जिस तरह का माहौल बन गया है वह भविष्य में इस देश की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बनता जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में लगातार देश में हिंसक घटनाएं देखने को मिल रही हैं। यह तब से शुरू हुआ है जब से शाहीन बाग में हमें कई तरह के भड़काऊ बयान सुनने को मिले हैं। 30 जनवरी को जामिया विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा राजघाट तक निकाले गए मार्च में एक गोपाल नामक व्यक्ति ने फायरिंग की थी। जिससे 1 छात्र घायल हो गया था। कल फिर जामिया यूनिवर्सिटी के गेट नंबर 5 के पास दो स्कूटी सवार छात्रों ने हवाई फायरिंग की और फिर तमंचा लहराते हुए भाग निकले।
जामिया यूनिवर्सिटी के छात्र कर रहे हैं नागरिकता संशोधन कानून का विरोध
जामिया मिलिया विश्वविद्यालय के छात्र लगातार नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे हैं। इसी तरह का विरोध प्रदर्शन शाहीन बाग में भी देखने को मिल रहा है। 30 जनवरी को जब कुछ छात्र राजघाट तक पैदल मार्च निकाल रहे थे तब पहली बार गोली चलाने की घटना सामने आई थी। उसके बाद शाहीन बाग में भी एक व्यक्ति ने हवाई फायरिंग की थी। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।

विश्वविद्यालय के गेट नंबर पांच पर गोली चलने की तीसरी घटना है। जिसके बाद विश्वविद्यालय के बाहर लोग इकट्ठा हो गए और उन्होंने जाकर जामिया नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। न्यूज़ एजेंसी ने इस खबर की पुष्टि की है और बताया है कि इसमें कोई भी हताहत नहीं हुआ है।
घटना के बाद हटाए गए डीसीपी चिन्मय विश्वाल
दिल्ली में कुछ ही दिनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाओं को लेकर चुनाव आयोग बहुत कड़ी प्रतिक्रिया दिखा रहा है। विश्वविद्यालय में इस तरह की घटना होने के बाद साउथ ईस्ट दिल्ली के डीसीपी चिन्मय विश्वाल को वर्तमान पद से मुक्त कर दिया गया है। अब वह सीधे गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करेंगे। दिल्ली में लगातार इस तरह की घटनाएं हो रही है जो कि देश के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं है।
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